Advertisment

21st June 2026

BREAKING NEWS

वन भूमि डायवर्सन और टेंडर प्रक्रिया में तेजी लाने की मांग, प्रधानमंत्री को लिखा पत्र

811 अभ्यर्थी होंगे शामिल, बाहर से आने वाले परीक्षार्थियों के लिए विशेष आवास व्यवस्था, कंट्रोल रूम भी सक्रिय

कुछ देर की ख़ामोशी है,फिर शोर आएगा.... तुम्हारा सिर्फ वक़्त आया है, हमारा दौर आएगा....

कलेक्टर हुईं सख्त निर्देश, सुपरवाइजरों को दिया अल्टीमेटम - घर-घर जाकर करें ई-केवाईसी और हितग्राहियों का सत्यापन

जिला शिक्षा अधिकारी से प्रदेश शिक्षक कल्याण संघ की सौजन्य भेंट, शिक्षा की गुणवत्ता पर हुई चर्चा

"रक्तदान महादान" वी क्लब मनेन्द्रगढ़ का सराहनीय आयोजन : समाज के हर व्यक्ति को वर्ष में कम से कम दो बार रक्तदान अवश्य करना चाहिए-बबीता अग्रवाल

Praveen Nishee Fri, Aug 1, 2025

मनेन्द्रगढ़। एमसीबी। द एसोसिएशन ऑफ वी क्लब ऑफ इंडिया – वी क्लब समर्पण, मनेन्द्रगढ़ के द्वारा सेंट्रल हॉस्पिटल में एक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। क्लब की अध्यक्ष श्रीमती बबीता अग्रवाल के नेतृत्व में यह शिविर संपन्न हुआ।

रक्तदान एक जीवन रक्षक कार्य है – इस बात को दोहराते हुए अध्यक्ष बबीता अग्रवाल ने कहा: “रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं है। हमारा थोड़ी सा दिया गया रक्त, किसी की पूरी ज़िंदगी को बचा सकता है। समाज के हर व्यक्ति को वर्ष में कम से कम दो बार रक्तदान अवश्य करना चाहिए।”

यह रक्तदान शिविर डॉ. लवलेश गुप्ता के कुशल निर्देशन में आयोजित हुआ, और रक्त संग्रहण सेन्ट्रल हॉस्पिटल के मदर ब्लड बैंक के सहयोग से किया गया। 10 लोगों ने किया स्वेच्छा से रक्तदान, जिनमें बबीता अग्रवाल, प्रतिभा अग्रवाल, वर्षा अग्रवाल, सजल अग्रवाल, अंकिश अग्रवाल,पलक गोयल, दीनानाथ चक्रवर्ती,महावीर सिंह शामिल रहे.

इस अवसर पर क्लब की अन्य सदस्याएं पम्मी अरोड़ा, मधु जैन, मीरा गुप्ता, निधि अग्रवाल आदि उपस्थित रहीं और शिविर को सफल बनाने में सहयोग किया।

रक्तदान से जुड़ी भ्रांतियों का सच:

* भ्रांति: रक्तदान से कमजोरी आती है।

*सच्चाई: एक स्वस्थ व्यक्ति को रक्तदान से कोई नुकसान नहीं होता। शरीर 24-48 घंटों में खोया हुआ द्रव वापस बना लेता है।

* भ्रांति: महिलाओं को रक्तदान नहीं करना चाहिए।

*सच्चाई: यदि हीमोग्लोबिन सामान्य हो, तो महिलाएं भी पूरी तरह सुरक्षित रूप से रक्तदान कर सकती हैं।

* भ्रांति: डायबिटीज या हाई बीपी वाले रक्तदान नहीं कर सकते।

* सच्चाई: यदि रोग नियंत्रण में हो और डॉक्टर की अनुमति हो, तो ये लोग भी रक्तदान कर सकते हैं. इस संबंध में श्रीमती प्रतिभा अग्रवाल ने कहा कि "रक्तदान सिर्फ एक सामाजिक कर्तव्य नहीं, यह मानवता की सबसे बड़ी सेवा है। जब आप रक्त देते हैं, तो आप सिर्फ एक यूनिट नहीं, किसी की उम्मीद, मुस्कान और ज़िंदगी देते हैं.

विज्ञापन

जरूरी खबरें