: विजय इंग्लिश मीडियम स्कूल में मनाया गया गुरूगोविन्द सिंह जयन्ति
Admin Wed, Jan 17, 2024
मनेन्द्रगढ़।एमसीबी। इंग्लिश मीडियम हायर सेकेण्डरी स्कूल में आज सिक्खों के दसवें व अंतिम गुरू गुरूगोबिन्द सिंह की जयंती मनाई गयी।
संस्था प्राचार्य श्रीमती इन्द्रा सेंगर के द्वारा माता सरस्वती व गुरू गोबिन्द सिंह जी के छायाचित्र के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम को आरंभ किया गया। संस्था प्राचार्य श्रीमती इन्द्रा सेंगर ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज सिखों के दसवें व अंतिम गुरू गोबिन्द सिंह जी की जयन्ति है। इनके जन्मदिवस को प्रकाशपर्व के रूप में मनाया जाता है और आज इनका 357वां प्रकाश पर्व है। प्राचार्य श्रीमती इन्द्रा सेंगर ने विद्यार्थियों को बताया कि गुरू गोविन्द सिंह सिक्खों के नौवें गुरू तेगबहादुर के पुत्र थे। इनका जन्म पौष माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को हुआ था और तभी से पौष माह की इस तिथि को उनके जन्म दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन गुरूद्वारों में भव्य आयोजन कराए जाते हैं, अरदास लगाई जाती हैं और विशाल भण्डारे लगाये जाते हैं। गुरू गोबिन्द सिंह जी अपना पूरा जीवन मानव सेवा और सच्चाई के मार्ग पर चलते हुये बिताया। हमें भी अपने जीवन में सत्यता और मानव सेवा को स्थान देना चाहिए।
संस्था के शिक्षक राकेश मिश्रा ने भी गुरू गोबिन्द सिंह के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गुरू गोबिन्द सिंह ने खालसा पंथ की स्थापना की और इन्होंने ही गुरूग्रन्थ साहिब को सिखों का गुरू घोषित किया। गुरू गोबिन्द सिंह खालसा पंथ की रक्षा के लिए कड़ा संघर्ष किया। सिखों को बाल, कड़ा, कच्छा, कृपाण और कंघा धारण करने का आदेश गुरू गोबिन्द सिंह ने ही दिया था। इन्हें पांच ककार कहा जाता है और इसे धारण करना हर सिख के लिए अनिवार्य है।
संस्था की शिक्षिका रिचा दुआ ने भी गुरू गोबिन्द सिंह के जीवनी पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गुरू गोबिन्द सिंह जी सत्यता और मानव सेवा को प्राथमिकता देते थे। उन्होनें धर्म की रक्षा के लिए कड़ा संघर्ष किया। उनके जीवन से हमें सत्य और मानव सेवा की शिक्षा मिलती है और हमें उनके इन आदर्शों को अपने जीवन में उतारना चाहिए।
संस्था की शिक्षिका श्रीमती मधु कक्कड़, माला रोहरा ने भी गुरू गोबिन्द सिंह जी की जयन्ति के अवसर पर बच्चों को संबोधित किया। इस अवसर पर छात्रा श्रुति मंगतानी और श्रुति रोहरा ने भी गुरू गोबिन्द सिंह जी के जीवनी पर आधारित भाषण प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम का संचालन शिक्षिका सुश्री शारदा बरसैंया और श्रीमती रागिनी गुप्ता ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में संस्था के सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं की सराहनीय भूमिका रही।
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