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नगर पंचायत खोंगापानी ने लापरवाही हद पार के दी : 20 दिन बाद भी नहीं हटा विशाल पीपल का पेड़, वार्ड 08 के लोग परेशान

Praveen Nishee Sat, Aug 9, 2025

मनेन्द्रगढ़। एमक्बिट। नगर पंचायत खोंगापानी के वार्ड क्रमांक 08 में 17 जुलाई 2025 को मोहल्ले के बीचों बीच गिरा विशालकाय पीपल का पेड़ अब तक पूरी तरह नहीं हटाया गया है। घटना में आसपास के कई घरों को नुकसान पहुँचा था और मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया था। स्थानीय लोगों का कहना है कि शुरुआती दिनों में नगर पंचायत ने कार्रवाई में टालमटोल की, बाद में कटाई शुरू हुई लेकिन 20 दिन बीत जाने के बाद भी अधूरा काम और रास्ते पर पड़ी लकड़ियाँ लोगों की मुसीबत बढ़ा रही हैं।

कटे हुए हिस्सों के कारण सड़क से आवागमन बाधित है, वहीं गिरने के स्थल पर घरों का मलबा और गंदगी अब भी जस की तस पड़ी है। वार्डवासी प्रशासन से तत्काल सफाई और अवरोध हटाने की मांग कर रहे हैं।

लापरवाही हद पार

17 जुलाई को गिरे पेड़ का मलबा अब तक नहीं हटाया, जनता में आक्रोश- खोंगापानी नगर पंचायत में पदस्थ एक अधिकारी पिछले चार वर्षों से लगातार यहीं कार्यरत हैं, और वार्ड के विकास कार्यों में खुलेआम पक्षपात करने के गंभीर आरोप झेल रहे हैं।बीते 17 जुलाई को वार्ड क्रमांक 8 में एक विशाल पेड़ गिर गया था, जिससे आसपास के घरों को नुकसान पहुंचा। लेकिन लगभग तीन सप्ताह बीत जाने के बाद भी सड़क से मलबा नहीं हटाया गया। पेड़ को आधा-अधूरा काटकर लकड़ी को जगह-जगह फेंक दिया गया, जिससे लोगों का आना-जाना मुश्किल हो गया है और दुर्घटनाओं का खतरा बना हुआ है।

नगर पंचायत खोंगापानी के उपाध्यक्ष विवेक चतुर्वेदी ने कलेक्टर एमसीबी से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि, "सड़क पर पड़े मलबे और कटे पेड़ों की वजह से लोगों का जीवन खतरे में है। कई बार मुख्य नगर पालिका अधिकारी को अवगत कराया गया, लेकिन उन्होंने जनहित की अनदेखी की है।"

स्थानीय निवासी रामप्रसाद गुप्ता का कहना है, "गर्मी, बारिश और धूल के बीच रोज इस मलबे से होकर गुजरना पड़ता है। बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा परेशान हैं।" वहीं, शांति देवी ने नाराजगी जताते हुए कहा, "अगर किसी नेता के घर के सामने पेड़ गिरा होता तो एक दिन में सब साफ हो जाता, लेकिन आम जनता की सुनने वाला कोई नहीं है।"

लोगों का कहना है कि अगर जल्द ही सड़क से मलबा और कटे पेड़ नहीं हटाए गए, तो वे नगर पंचायत कार्यालय का घेराव करेंगे।

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