Advertisment

19th June 2026

BREAKING NEWS

मनेन्द्रगढ़ के मधुर अग्रवाल ने सीए परीक्षा उत्तीर्ण कर बढ़ाया नगर का गौरव

98 से गणना कर पुरानी पेंशन लागू करने की मांग, प्रदेशभर में शिक्षकों ने सौंपा ज्ञापन

सघन कुष्ठ खोज अभियान 15 जून से 15 जुलाई तक, घर-घर जाकर होगी पहचान

जिला स्तरीय अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का भव्य आयोजन, श्रीमती रेणुका सिंह मुख्य अतिथि के रूप शामिल होगी

पुरानी पेंशन का लाभ दिलाने की मांग, विधायक के समक्ष रखी गई समस्याएं

महिला सशक्तिकरण पर 'सप्तशक्ति संगम' कार्यक्रम सम्पन्न : मुख्य वक्ता डॉ. रश्मि सोनकर ने कहा देश को श्रेष्ठ बनाने की सबसे बड़ी जिम्मेदारी महिलाओं की

Praveen Nishee Sun, Nov 16, 2025

मनेंद्रगढ़। एमसीबी। विद्या भारती द्वारा महिला सशक्तिकरण एवं जनजागरण अभियान के अंतर्गत सरस्वती शिशु मंदिर झगराखंड में आयोजित ‘सप्तशक्ति संगम’ कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए डॉ. रश्मि सोनकर ने कहा कि देश को श्रेष्ठ और सशक्त बनाने में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक महिला यह तय करे कि उसके घर में आने वाला धन ईमानदारी से आ रहा है या छल-कपट से, क्योंकि “जैसा होगा अन्न, वैसा होगा मन।”

डॉ. सोनकर ने संयुक्त परिवार व्यवस्था के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि एकल परिवार के बढ़ते चलन से सामाजिक एवं पारिवारिक संबंध कमजोर हो रहे हैं। उन्होंने बच्चों के मोबाइल उपयोग पर विशेष निगरानी रखने और सोशल मीडिया पर उनकी गतिविधियों को समझने की आवश्यकता बताई।

उन्होंने कहा कि समाज में व्याप्त कुरीतियों बेटा-बेटी भेदभाव और दहेज प्रथा पर सबसे प्रभावी अंकुश महिलाएं ही लगा सकती हैं, क्योंकि सामाजिक कार्यक्रमों में अग्रणी भागीदारी उन्हीं की होती है।

एकल परिवार से सामाजिक व पर्यावरणीय नुकसान

चेतना महिला संगठन की अध्यक्ष एवं साहित्यकार अनामिका चक्रवर्ती ने कहा कि एकल परिवारों के बढ़ने से न सिर्फ सामाजिक विसंगतियां जन्म ले रही हैं, बल्कि पर्यावरण पर भी अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि एक परिवार के टूटकर तीन परिवार बनने से जरूरतें बढ़ती हैं जैसे तीन जोड़ी चूल्हे, फर्नीचर, दैनिक संसाधन आदि जिससे संसाधनों का अनावश्यक उपयोग और भोजन की बरबादी तक बढ़ जाती है।

परंपरा और संस्कृति की वाहक महिलाएं

समिति सदस्य मीना त्रिपाठी ने कहा कि महिलाएं सदैव परंपरा और संस्कृति को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का कार्य करती हैं और नई पीढ़ी को संस्कारित करती हैं।

महिलाएं परिवार संभालें, तो समाज और देश ठीक होगा

मुख्य अतिथि एवं नगर की प्रथम महिला श्रीमती प्रतिमा यादव ने अपने उद्बोधन में कहा कि यदि महिलाएं अपने घर और परिवार को सही दिशा दें, तो समाज और देश की परिस्थितियां स्वतः ही सुधर सकती हैं।

कार्यक्रम में अनेक गणमान्य जन उपस्थित

कार्यक्रम में व्यवस्थापक समिति के अध्यक्ष मनोज अग्रवाल, शैलेश जैन, चम्पा गौरी शाह, पार्षद सुनयना विश्वकर्मा, रोशनी मिश्रा, वंदना, सुषमा, गोमती, उर्मिला, प्रीति, काजल, कोमल, अंजलि, मुस्कान, जमाकर, गौरव मिश्रा, मृत्युञ्जय सोनी, सुशीला सिंह, उर्मिला जायसवाल, सुषमा कुशवाहा, पूनम पांडे, सरजू यादव, डॉ. तेजकांत सोनकर, सिम्मी जैन, प्राचार्य रामकृष्ण नामदेव, नीरज अग्रवाल सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

विज्ञापन

जरूरी खबरें