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21st June 2026

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811 अभ्यर्थी होंगे शामिल, बाहर से आने वाले परीक्षार्थियों के लिए विशेष आवास व्यवस्था, कंट्रोल रूम भी सक्रिय

कुछ देर की ख़ामोशी है,फिर शोर आएगा.... तुम्हारा सिर्फ वक़्त आया है, हमारा दौर आएगा....

कलेक्टर हुईं सख्त निर्देश, सुपरवाइजरों को दिया अल्टीमेटम - घर-घर जाकर करें ई-केवाईसी और हितग्राहियों का सत्यापन

जिला शिक्षा अधिकारी से प्रदेश शिक्षक कल्याण संघ की सौजन्य भेंट, शिक्षा की गुणवत्ता पर हुई चर्चा

: सुनो सियासत दारो तुम सब जरा आंख में पानी रखना तंग गली की बस्ती खातिर दिल में सदा रवानी रखना

Admin Wed, Jan 10, 2024

छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित राज्य सेवा परीक्षा 2021 के संबंध में सीबीआई की जांच की घोषणा विष्णु देव सरकार ने समय पर कर दी थी। यदि चारों खाने चित हारी हुई कांग्रेस सरकार का यह दावा है कि सब कुछ सही है तो उन्हें सीबीआई की जांच से परहेज नहीं होना चाहिए हो सकता है बहुत जल्द सीबीआई दूध का दूध और पानी का पानी कर दे। पीएससी परीक्षा में चयनित कुछ , होनहार उम्मीदवार अफसर के पद पर चांदी काट ही रहे हैं ,कुछ प्रतीक्षारत है, जांच न जाने कब तक चलेगी ?कितने वर्षों तक चलेगी? तब तक राज्य सेवा परीक्षा के पिछले दरवाजे से चयनित अफसर इसका लाभ तो उठा ही रहे हैं। इसमें दो मत नहीं कि कैबिनेट मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल बेहद विनम्र व्यवहार शील मंत्री हैं उनकी काबलियत, एवं उनके कार्यशैली एवं पूर्व विधायक की कार्यकाल की सफल प्रस्तुति को देखते हुए उनके नाम की दिल्ली से सहमति बनी यह मनेद्रगढ़ एवं आसपास के अंचल के लिए काफी गौरव की बात है। कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त होने के बाद अपने विभाग को दुरुस्त करने के लिए कैबिनेट मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल निरंतर दौरा कर रहे हैं, अस्पतालों में स्वच्छता दवाइयां की उपलब्धता सुनिश्चित कर मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार रखने स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल का निर्देश का पालन सुनिश्चित भी होने लगा है ।अभी पूरे छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य की बहुत सारी विसंगतियां को दूर करने में उन्हें एड़ी चोटी एक करना पड़ेगा उनके अब तक की छोटी सक्रियता को देखते हुए एवं 5 साल विधायकी कार्य का मूल्यांकन करते हुए यह कहा जा सकता है कि छत्तीसगढ़ मंत्रिमंडल में आने वाले समय में वे सर्वश्रेष्ठ मंत्री एवं विधायक का खिताब भी पा सकते हैं। प्रदेश के कांकेर, महासमुंद और रायगढ़ मेडिकल कॉलेज की फैकल्टी कम होने पर नेशनल मेडिकल कमिशन ने मेडिकल कॉलेज को नोटिस थमा दिया है जिससे राज्य के 3 मेडिकल कॉलेज की मान्यता पर खतरा भी मंडरा रहा है ,देखना यह है कि इस संबंध में क्या निर्णय निकलता है। प्रदेश के सबसे बड़े अंबेडकर अस्पताल में मरीजों की जांच करने वाले सारे उपकरण समय के साथ पुराने हो चुके हैं। कैंसर विभाग में 22 करोड़ की पेट सीट मशीन बंद पड़ी है। इधर साय सरकार ने अखिल भारतीय आर्य विज्ञान संस्थान एम्स की तर्ज पर हर संभाग में छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंस( सिम्स )बनाने की घोषणा की है ।वक्त के साथ थोड़ा धैर्य रखना होगा, हो सकता है हर संभाग में आने वाले 4 सालों के भीतर एम्स की स्थापना भी सुनिश्चित हो सके। डीके अस्पताल के तर्ज पर बिलासपुर और जगदलपुर में आधा दर्जन विभागों के साथ सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल खोलने का समाचार भी विगत दिनों समाचार पत्रों में छाया रहा है बिलासपुर और जगदलपुर के में फरवरी तक इस क्षेत्र में काम पूरा करने की हिदायत दी गई है। मनेद्रगढ़ सहित जांजगीर चांपा तथा कबीरधाम में नए चिकित्सा महाविद्यालय प्रस्तावित है इसके लिए शासन को पचास पचास करोड़ का डीपीआर बनाकर शासन को प्रेषित किया जा चुका है इन कॉलेजों के प्रारंभ होने से मनेद्रगढ़ को स्वास्थ्य की अच्छी सुविधा मिल सकेगी एवं सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल की वर्षों पुरानी मांग भी पूरी हो सकेगी। चिकित्सा महाविद्यालय रायपुर के मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन ने भी स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल से उनके निवास पर भेंट किया एवं समस्याओं से मंत्री जी को अवगत कराया ।उनकी समस्या का भी समाधान आने वाले समय में मंत्री जी के डायरी में अंकित होगा। महतारी वंदन योजना लोकसभा चुनाव के लिए मजबूत हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है इसीलिए इस योजना के लिए छत्तीसगढ़ विधानसभा के एक-एक विधायकों को विशेष हिदायत दी गई है कि वे महतारी वंदन योजना की निरंतर समीक्षा करते रहें। उम्मीद है छत्तीसगढ़ विधानसभा में भाजपा के पक्ष में प्रचंड जनादेश देने वाली महतारी वंदन योजना लोकसभा चुनाव के पहले लागू हो जाए इसके लिए किन-किन महिलाओं को किस नियम शर्तों के तरह शर्तों के तहत मापदंड में रखा जाएगा यह अभी तय नहीं है इस पर मंथन होते ही छत्तीसगढ़ में महतारी वंदन योजना जल्द लागू हो जाएगी। इधर अंबिकापुर में वर्षों से 750 सीट की क्षमता वाला अत्यधिक ऑडिटोरियम अधूरा पड़ा है छत्तीसगढ़ शासन को अंबिकापुर के अलावा जगदलपुर दुर्ग व रायपुर के अधूरे पड़े ऑडिटोरियम पर भी निगाहें रखना चाहिए। अंबिकापुर के ऑडिटोरियम में तो 10 करोड़ का खर्च अब तक हो चुका है अधूरे ऑडिटोरियम को पूर्ण करने के लिए 6 करोड रुपए की और मांग की गई है इस प्रकार प्रदेश के चार ऑडिटोरियम के लिए कम से कम 40 करोड रुपए की अतिरिक्त आवश्यकता पड़ेगी। छत्तीसगढ़ की नवीन सरकार, गरीबों को पक्का मकान बनाने पैसे देने के लिए भी नई रणनीति बना रही ।कलेक्टर, अफसरों की बैठक लेकर प्राथमिकता के आधार पर अधूरे मकानों को पीएम आवास के तहत पूरा करने के लिए भी निर्देश दे चुके है। सब पूछे एक सवाल:- ---+++++------- नगर पालिका मनेद्रगढ़ में एल्डरमैन के लिए सबसे प्रबल दावेदारी में कौन-कौन है? मनेद्रगढ़ विधायक प्रतिनिधि के लिए सबसे ज्यादा कौन मचल रहा है?

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