: जिले के प्राकृतिक स्थल व जल प्रताप आकर्षित करते हैं पर्यटकों को वर्षा ऋतु में विहंगम दृश्य देखने बड़ी संख्या में पहुंचते हैं सैलानी
Admin Fri, Aug 9, 2024
मनेन्द्रगढ़। एमसीबी। एम.सी.बी जिले के प्राकृतिक स्थल एवं नैसर्गिक छटा यहां के घने वनों ,ऊंची नीची पहाड़ियां एवं छोटी नदियों का उद्गम स्थल व जलप्रपात अनायास ही पर्याटकों को अपनी ओर लुभाता है जिससे जिले के साथ-साथ अन्य जिलों के सैलानी भी बड़ी संख्या पिकनिक मनाने अमृतधारा जलप्रपात, कर्म घोघा जलप्रपात, रमदहा जलप्रपात, बिहारपुर जलप्रपात आते है,
अमृत धारा
अमृत धारा जलप्रपात मेन्ड्रा की पहाड़ियों से निकलकर हसदेव नदी जिला मुख्यालय मनेंद्रगढ़ से 18 किलोमीटर एवं ग्राम लाई से 8 किलोमीटर अंदर अमृतधारा गांव के पास लगभग 100 फीट ऊंचाई से गिरती है यह मनोरम दृश्य वर्षों से पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है यहां एक शिव मंदिर है जहां पर वन विभाग के द्वारा गेस्ट हाउस बनाया गया है
बिहारपुर जलप्रपात
बिहारपुर जलप्रपात मनेंद्रगढ़ जिला मुख्यालय से 20 किलोमीटर दूर बिहारपुर ग्राम से 2 किलोमीटर अंदर हसदेव नदी के पुल पार कर जलप्रपात के पास पहुंचा जाता है, नदी का पानी लगभग 20 फीट ऊंचाई से गिरने के कारण प्रपात सा दिखाई पड़ता है और यह प्रपात के रूप में गिरते हुए जंगलों में प्रकृति के अनंत गहराइयों में चला जाता है
रमदहा जलप्रपात
रमदहा जलप्रपात यह जिला मुख्यालय मनेंद्रगढ़ से कठौतिया चुटकी भंवरखोह होते हुए रमदहा जलप्रपात (जनकपुर) पहुंचा जाता है बनास नदी पर चारों ओर पहाड़ तथा जंगलों से घिरा यह सुंदर मनोरम प्रपात है वर्षा ऋतु में यह काफी विशाल दिखाई देता है यहां नदी का पानी लगभग 60 फीट ऊंचाई से गिरता है और पर्यटकों को मदमस्त कर देता है
कर्मघोघा जलप्रपात
कर्मघोघा जलप्रपात छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश की सीमा में मनेंद्रगढ़ से 10 किलोमीटर की दूरी पर इमली गोलाई साल्ही होते हुए कर्मघोघा जलप्रपात है इसकी मधुर ध्वनि संगीत के समान प्रतीत होती है यहां कर्मघोघेश्वर भगवान शिव का मंदिर है मंदिर से मात्र लगभग 50 फीट की दूरी पर नदी का पानी प्रपात के रूप में गिरता है यह पहाड़ियों तथा जंगलों से घिरा शांत स्थल है।
एमसीबी जिले के प्राकृतिक जलप्रपात घने वनों और ऊंची पहाड़ियों के बीच स्थित होने के कारण पर्यटकों को आकर्षित करती है भारी बारिश के कारण जलप्रपातों का विहंगम दृश्य देखने को मिल रहा है इसमें पर्यटको को फोटो खींचने व सेल्फी लेते समय सुरक्षा का विशेष ध्यान रखना चाहिए ताकि कोई दुर्घटना ना हो सके l
अमृत धारा
अमृत धारा जलप्रपात मेन्ड्रा की पहाड़ियों से निकलकर हसदेव नदी जिला मुख्यालय मनेंद्रगढ़ से 18 किलोमीटर एवं ग्राम लाई से 8 किलोमीटर अंदर अमृतधारा गांव के पास लगभग 100 फीट ऊंचाई से गिरती है यह मनोरम दृश्य वर्षों से पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है यहां एक शिव मंदिर है जहां पर वन विभाग के द्वारा गेस्ट हाउस बनाया गया है
बिहारपुर जलप्रपात
बिहारपुर जलप्रपात मनेंद्रगढ़ जिला मुख्यालय से 20 किलोमीटर दूर बिहारपुर ग्राम से 2 किलोमीटर अंदर हसदेव नदी के पुल पार कर जलप्रपात के पास पहुंचा जाता है, नदी का पानी लगभग 20 फीट ऊंचाई से गिरने के कारण प्रपात सा दिखाई पड़ता है और यह प्रपात के रूप में गिरते हुए जंगलों में प्रकृति के अनंत गहराइयों में चला जाता है
रमदहा जलप्रपात
रमदहा जलप्रपात यह जिला मुख्यालय मनेंद्रगढ़ से कठौतिया चुटकी भंवरखोह होते हुए रमदहा जलप्रपात (जनकपुर) पहुंचा जाता है बनास नदी पर चारों ओर पहाड़ तथा जंगलों से घिरा यह सुंदर मनोरम प्रपात है वर्षा ऋतु में यह काफी विशाल दिखाई देता है यहां नदी का पानी लगभग 60 फीट ऊंचाई से गिरता है और पर्यटकों को मदमस्त कर देता है
कर्मघोघा जलप्रपात
कर्मघोघा जलप्रपात छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश की सीमा में मनेंद्रगढ़ से 10 किलोमीटर की दूरी पर इमली गोलाई साल्ही होते हुए कर्मघोघा जलप्रपात है इसकी मधुर ध्वनि संगीत के समान प्रतीत होती है यहां कर्मघोघेश्वर भगवान शिव का मंदिर है मंदिर से मात्र लगभग 50 फीट की दूरी पर नदी का पानी प्रपात के रूप में गिरता है यह पहाड़ियों तथा जंगलों से घिरा शांत स्थल है।
एमसीबी जिले के प्राकृतिक जलप्रपात घने वनों और ऊंची पहाड़ियों के बीच स्थित होने के कारण पर्यटकों को आकर्षित करती है भारी बारिश के कारण जलप्रपातों का विहंगम दृश्य देखने को मिल रहा है इसमें पर्यटको को फोटो खींचने व सेल्फी लेते समय सुरक्षा का विशेष ध्यान रखना चाहिए ताकि कोई दुर्घटना ना हो सके l
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