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नीलामी से कुल 54.50 लाख रुपये आवेदन शुल्क के रूप में प्राप्त : ई-नीलामी (रिवर्स ऑक्शन) के माध्यम से तीन रेत खदानों का पारदर्शी रूप से किया गया आबंटन

Praveen Nishee Sat, Nov 22, 2025

मनेंद्रगढ़।एमसीबी। छत्तीसगढ़ शासन की नई रेत नीति छत्तीसगढ़ गौण खनिज साधारण रेत (उत्खनन एवं व्यवसाय) नियम 2025 के प्रभावी क्रियान्वयन के अंतर्गत जिला मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में ई-नीलामी (रिवर्स ऑक्शन) प्रक्रिया के माध्यम से तीन रेत खदानों का ऑनलाइन आबंटन सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।

कलेक्टर के मार्गदर्शन में एमएसटीसी पोर्टल के माध्यम से क्रमशः 13 नवंबर, 14 नवंबर एवं 20 नवंबर 2025 को डांडहसवाही, मुर्किल और नेउर रेत खदानों की निविदाएं खोली गईं। खनिज अधिकारी श्री दयानन्द तिग्गा ने बताया कि निविदा प्रक्रिया में बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए- डांडहसवाही रेत खदान (तहसील केल्हारी, रकबा 4.99 हेक्टेयर) - 408 आवेदन, मुर्किल रेत खदान (तहसील कोटाडोल, रकबा 5.00 हेक्टेयर) - 56 आवेदन, नेउर रेत खदान (तहसील कोटाडोल, रकबा 2.50 हेक्टेयर) - 81 आवेदन

ऑनलाइन लॉटरी प्रक्रिया के माध्यम से-डांडहसवाही रेत खदान के लिए चैतन्य साहू, मुर्किल रेत खदान के लिए नयन छत्तानी, नेउर रेत खदान के लिए सुनील कुमार गुप्ता को अधिमानी बोलीदार घोषित किया गया।

विभाग ने बताया कि ई-नीलामी के माध्यम से कुल 54,50,000 रुपये आवेदन शुल्क के रूप में प्राप्त हुए हैं, जिससे शासन को महत्वपूर्ण राजस्व प्राप्त हुआ है। सफल बोलीदारों को निर्देशित किया गया है कि वे 15 दिवस के भीतर प्रति हेक्टेयर 1,00,000 रुपये की राशि जमा करें, जिसके उपरांत उत्खनन योजना तैयार कर आवश्यक पर्यावरणीय स्वीकृति प्राप्त की जाएंगी। स्वीकृतियों के बाद निर्धारित नियमों के अनुरूप खदान संचालन प्रारंभ किया जा सकेगा। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि रेत खदानों का यह संपूर्ण आबंटन कार्य डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से पूर्णतः पारदर्शी तरीके से किया गया है, जो शासन की नई रेत नीति के सफल क्रियान्वयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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