Advertisment

26th June 2026

BREAKING NEWS

तेलनदी से ढोर्रा बांध जोड़ो अभियान चलाने की जरूरत है, हो सके तो क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों को सत्याग्रह आंदोलन करना चाहिए

जांच से खुल सकते हैं बड़े राज" "करोड़ों की स्वास्थ्य योजनाओं पर सवाल: दवा वितरण या दवा विनाश?"

नारी राग-रंग महोत्सव 2026 का भव्य शुभारंभ

प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह विफल- स्वप्निल सिन्हा

हर्षोल्लास के साथ मनाया गया शाला प्रवेश उत्सव

: वंदे मातरम हमारी संस्कृति, इतिहास और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक -उपाध्याय

Admin Sat, Jan 25, 2025

मनेन्द्रगढ़। एमसीबी। वंदे मातरम राष्ट्रीय गीत हमारी संस्कृति इतिहास और हमारे राष्ट्रीय गौरव का स्मरण करता है, वंदे मातरम आज भी हर भारतीयों के दिल में उसी जोश और उत्साह के साथ गूंजता है ,जैसे यह स्वतंत्रता संग्राम के दौरान गूंजता था- उक्ताशय के विचार वंदे मातरम राष्ट्रीय गीत के 150 वीं वर्षगांठ पर वरिष्ठ साहित्यकार एवं योग प्रशिक्षक सतीश उपाध्याय ने व्यक्त किया। कार्यक्रम के प्रारंभ में पतंजलि योग समिति के वरिष्ठ संरक्षक ठाकुर प्रसाद केसरी ने भारत माता की छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर, कार्यक्रम को संबोधित किया। प्रमुख वक्ता श्रीमती नीलम दुबे ने वंदे मातरम राष्ट्रीय गीत में समाहित मातृभूमि की वंदना को स्पष्ट किया। श्रीमती ईरा कर ने राष्ट्रीय गीत के तृतीय बांग्ला के पदों का हिंदी अनुवाद कर वंदे मातरम के भावार्थ स्पष्ट किया ।एकल अभियान का परिचय एकल विद्यालय समिति के सचिव आर डी दीवान ने दिया। श्री दीवान ने बताया एकल अभियान ने शिक्षा के अलावा अन्य सामाजिक क्षेत्र में भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है, यह अभियान पंचमुखी शिक्षा के माध्यम से समाज में परिवर्तन की अलख जगा रहा है। वनवासी कल्याण आश्रम संचालन समिति के अध्यक्ष जगदंबा अग्रवाल ने वंदे मातरम राष्ट्रीय गीत का हिंदी अनुवाद कर उसके महत्व को बताया । वंदे- मातरम का गायन का नेतृत्व कु सृष्टि अग्रवाल ने, किया, उपस्थित पतंजलि योग साधकों ने पूरे मनोयोग से सामूहिक गायन किया। कार्यक्रम में प्रियंका अग्रवाल, समाजसेविका अनीता फरमानिया, रूपा पोद्दार, कविता मंगतानी, पिंकी सलूजा,राकेश अग्रवाल, अभिषेक द्विवेदी, श्रीमती बबली सिंह, रामसेवक विश्वकर्मा, श्रेष्ठ अग्रवाल ,नीरज अग्रवाल, विवेक कुमार तिवारी आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन एवं संयोजन सतीश उपाध्याय ने किया। वंदे मातरम एवं भारत माता की जय के घोष के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।

विज्ञापन

जरूरी खबरें