Advertisment

15th June 2026

BREAKING NEWS

फिट इंडिया एंड सेव एनवायरमेंट अभियान” के तहत 30 किलोमीटर साइकिलिंग कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

गंभीर रूप से घायल विक्षिप्त महिला को मिला मानवीय सहयोग, उपचार के बाद सूरजपुर रेफर

विश्व रक्तदान दिवस पर स्वैच्छिक रक्तदान शिविर आयोजित, 32 यूनिट रक्त संग्रहित

मोटरयान अधिनियम के तहत ₹5,000 का चालान, मॉडिफाइड सायलेंसर जप्त

बेहतर स्वास्थ्य और उच्च शिक्षा के लिए सीधी ट्रेन कनेक्टिविटी बेहद जरूरी- हफीज मेमन

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे : शीतलहर से बचाव को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, सभी अस्पतालों में विशेष व्यवस्था के निर्देश

Praveen Nishee Wed, Jan 7, 2026

मनेंद्रगढ़। एमसीबी। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे ने शीतलहर के मद्देनज़र जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों को सतर्क रहने के निर्देश जारी किए हैं। सिविल सर्जन जिला अस्पताल एमसीबी, 200 बिस्तरीय अस्पताल मनेन्द्रगढ़ सहित समस्त सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में ठंड से पीड़ित मरीजों के उपचार हेतु पृथक बेड आरक्षित रखने तथा आवश्यक मशीन, उपकरण और दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है।

डॉ. खरे ने बताया कि ठंड के मौसम में उच्च जोखिम समूह—जैसे छोटे बच्चे, बुजुर्ग, दिव्यांगजन एवं गंभीर रोगों से पीड़ित व्यक्तियों—की विशेष देखभाल आवश्यक है। साथ ही मैदानी कर्मचारियों एवं आम नागरिकों को शीतलहर के लक्षण, बचाव उपाय तथा Do’s & Don’ts के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं।

उल्लेखनीय है कि दिसंबर एवं जनवरी माह में प्रदेश के कई क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान 5 से 7 डिग्री सेल्सियस या उससे कम दर्ज किया जाता है, जिससे हाइपोथर्मिया व फ्रॉस्टबाइट जैसी शीतजनित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। अत्यधिक ठंड के कारण गंभीर स्थिति में मृत्यु की आशंका भी बनी रहती है।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार शीतलहर के दौरान 65 वर्ष से अधिक आयु के वृद्धजन, 5 वर्ष से कम आयु के बच्चे, हृदय एवं श्वसन रोगी, बेघर व्यक्ति, निर्माण स्थलों पर कार्यरत श्रमिक तथा सड़क किनारे रहने वाले लोग सबसे अधिक संवेदनशील होते हैं।

शीतलहर से बचाव के लिए क्या करें (Do’s):

मौसम की जानकारी नियमित रूप से प्राप्त करें।

गर्म कपड़े कई परतों में पहनें, सिर, गर्दन, हाथ-पैर ढककर रखें।

गर्म तरल पेय लें और पौष्टिक आहार करें।

ठंडी हवा से बचें और आवश्यक होने पर ही बाहर निकलें।

प्रभावित होने पर तुरंत नजदीकी अस्पताल से संपर्क करें।

क्या न करें (Don’ts):

अत्यधिक ठंड में अनावश्यक रूप से खुले में न रहें।

गीले कपड़े न पहनें।

हाइपोथर्मिया से पीड़ित व्यक्ति को मादक पदार्थ न दें।

गंभीर लक्षणों को नजरअंदाज न करें।

स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि हाइपोथर्मिया एक चिकित्सकीय आपात स्थिति है। ऐसे में पीड़ित व्यक्ति को तुरंत गर्म स्थान पर ले जाकर सूखे कंबल से ढकें और शीघ्र अस्पताल पहुंचाएं।

विज्ञापन

जरूरी खबरें