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खनिज विभाग की कार्रवाई पर उठे सवाल : सीलबंद पोकलेन मशीन आखिर पहुंची कैसे कई किलोमीटर दूर?

Praveen Nishee Sat, Feb 7, 2026

मनेंद्रगढ़। एमसीबी। ग्राम पंचायत बिछियाटोला स्थित रेत खदान में अवैध रेत उत्खनन के मामले में खनिज विभाग द्वारा की गई कार्रवाई अब सवालों के घेरे में है। 02 फरवरी 2026 को कलेक्टर के निर्देशन में जिला खनिज उड़नदस्ता टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की थी, जिसमें पोकलेन चैन माउंटेड मशीन से अवैध उत्खनन किए जाने की पुष्टि हुई थी।

टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित पोकलेन मशीन को जप्त कर सीलबंद किया था तथा खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 एवं छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम, 2015 के अंतर्गत वैधानिक कार्रवाई प्रारंभ करने की बात कही गई थी।

लेकिन अब चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है कि सीलबंद की गई उक्त पोकलेन मशीन घटना स्थल से कई किलोमीटर दूर खड़ी पाई गई है। ऐसे में बड़ा प्रश्न यह है कि जब मशीन को विधिवत जप्त कर सील किया गया था, तो वह वहां से हटकर दूसरी जगह कैसे पहुंच गई?

क्या सील तोड़ी गई?

क्या विभागीय लापरवाही हुई?

या फिर किसी की मिलीभगत से मशीन को हटाया गया?

इस पूरे प्रकरण ने खनिज विभाग की कार्रवाई की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों में भी चर्चा का विषय बना हुआ है कि यदि जप्त मशीन ही सुरक्षित नहीं रह पा रही है, तो अवैध उत्खनन पर प्रभावी रोक कैसे संभव होगी?

अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या स्पष्टीकरण देता है और दोषियों पर क्या कार्रवाई की जाती है।

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