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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जनकपुर में : मलेरिया व टीबी उन्मूलन हेतु दो दिवसीय विशेष प्रशिक्षण

Praveen Nishee Thu, Feb 19, 2026

जनकपुर। एमसीबी। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.अविनाश खरे के निर्देशन में ब्लॉक भरतपुर अंतर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जनकपुर के सभाकक्ष में दो दिवसीय ब्लॉक स्तरीय विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना तथा मैदानी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुदृढ़, संवेदनशील एवं परिणामोन्मुखी बनाना रहा। कार्यशाला में स्वास्थ्य अमले को रोग नियंत्रण, रोकथाम और उपचार से जुड़ी अद्यतन तकनीकी जानकारी प्रदान की गई।

प्रथम दिवस: वेक्टर जनित रोगों पर फोकस

17 फरवरी 2026 को आयोजित सत्र में राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत मलेरिया, डेंगू एवं फाइलेरिया की रोकथाम, पहचान एवं उपचार पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया। मास्टर ट्रेनर के रूप में जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. नम्रता चक्रवर्ती एवं जिला मलेरिया कंसलटेंट संजीत सिंह ने लक्षणों की शीघ्र पहचान, समयबद्ध जांच, दवाओं के समुचित उपयोग तथा फील्ड स्तर पर आवश्यक सावधानियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सामुदायिक सहभागिता और त्वरित उपचार से इन रोगों पर प्रभावी नियंत्रण संभव है।

द्वितीय दिवस: टीबी मुक्त भारत की दिशा में पहल

18 फरवरी 2026 को राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम अंतर्गत विशेष सत्र आयोजित किया गया। जिला क्षय अधिकारी डॉ. सुधांशु पटेल एवं जिला कार्यक्रम समन्वयक संतोष सिंह ने टीबी की समय पर पहचान, उपचार की निरंतरता, मरीजों की नियमित ट्रैकिंग तथा निक्षय पोषण योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि टीबी उन्मूलन के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए स्वास्थ्य कर्मियों की सतर्कता और सतत फॉलोअप अत्यंत आवश्यक है।

प्रशिक्षण में खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. आर. के. रमन, बीपीएम सुलेमान खान, मलेरिया एवं टीबी प्रभारी राय सिंह श्याम तथा बीईटीओ आर. पी. सोनवंशी की उपस्थिति रही। साथ ही सेक्टर के सीएचओ, सुपरवाइजर, महिला एवं पुरुष आरएचओ, टीबी मितान एवं स्पुटम रनर सहित स्वास्थ्य कर्मियों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। समापन अवसर पर सभी प्रतिभागियों को निर्देशित किया गया कि वे प्रशिक्षण में प्राप्त ज्ञान का जमीनी स्तर पर प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करें। यह कार्यशाला जिले को मलेरिया, डेंगू एवं टीबी मुक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और सशक्त कदम सिद्ध होगी।

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