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रोशनलाल अवस्थी की कलम से.... : परीक्षा हित में अनोखी पहल: घर-घर पहुंचकर शिक्षकों ने जगाई चेतना, गांव ने दिया पूर्ण सहयोग

Praveen Nishee Sat, Feb 21, 2026

मैनपुर। गरियाबंद । वार्षिक परीक्षा सत्र को देखते हुए शिक्षा के प्रति सजगता और सामाजिक जिम्मेदारी का एक प्रेरक उदाहरण सामने आया है। शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला देहारगुड़ा के प्रधान पाठक चित्रसेन पटेल एवं सहायक शिक्षक कांतिलाल साहू ने परीक्षा के महत्व को रेखांकित करते हुए गांव में घर-घर पहुंचकर अभिभावकों से संवाद स्थापित किया और बच्चों के लिए अनुकूल अध्ययन वातावरण सुनिश्चित करने का आग्रह किया।

शिक्षकों ने पालकों से विशेष रूप से अनुरोध किया कि परीक्षा अवधि के दौरान गांव में ध्वनि विस्तारक यंत्रों (डीजे, लाउडस्पीकर आदि) का उपयोग न्यूनतम रखा जाए तथा बच्चों को विवाह, सामाजिक आयोजनों और अन्य गतिविधियों में अनावश्यक रूप से व्यस्त न किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह समय विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण का है, इसलिए शांत वातावरण, नियमित अध्ययन और मानसिक एकाग्रता अत्यंत आवश्यक है।

प्रधान पाठक चित्रसेन पटेल ने कहा, “बच्चों की सफलता केवल विद्यालय की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की साझा भूमिका है। यदि अभिभावक और ग्रामीण मिलकर सहयोग करें, तो परीक्षा परिणाम निश्चित रूप से बेहतर होंगे।” वहीं शिक्षक कांतिलाल साहू ने अभिभावकों को बच्चों की दैनिक अध्ययन दिनचर्या तय करने, समय पर भोजन एवं पर्याप्त विश्राम सुनिश्चित करने तथा सकारात्मक माहौल बनाए रखने की अपील की।

इस जन-जागरूकता अभियान को गांव स्तर पर व्यापक समर्थन मिला। सरपंच महेश दीवान, ग्राम पटेल पवन दीवान एवं पूर्व सरपंच देवन नेताम सहित ग्रामीणों ने शिक्षकों की पहल की सराहना करते हुए पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। ग्रामीणों ने भरोसा दिलाया कि परीक्षा अवधि में अनावश्यक शोर-शराबे से परहेज किया जाएगा और बच्चों की पढ़ाई को प्राथमिकता दी जाएगी।

गांव में शिक्षा के प्रति इस प्रकार की सामूहिक संवेदनशीलता ने एक सकारात्मक संदेश दिया है कि जब शिक्षक, अभिभावक और समाज एकजुट होकर बच्चों के भविष्य के लिए संकल्प लेते हैं, तब सफलता का मार्ग स्वतः प्रशस्त होता है। मैनपुर क्षेत्र में यह पहल शिक्षा के प्रति बढ़ती जागरूकता और सामाजिक सहभागिता का सशक्त उदाहरण बनकर उभरी है।

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