Advertisment

6th June 2026

BREAKING NEWS

अपना क्या है इस जीवन में, सब कुछ लिया उधार.... सारा लोहा तुम लोगों का, अपनी केवल धार....

पोखरी तालाब में चला श्रमदान, अधिकारियों-कर्मचारियों ने संभाली सफाई की कमान

एक पेड़ एक उम्मीद-एक बेहतर भविष्य“ थीम पर हुआ भव्य पौधरोपण कार्यक्रम,

नवीन राशन कार्ड, सदस्य जोड़ने और नाम विलोपन की सुविधा सेवा-सेतु पोर्टल पर उपलब्ध

सिल्वर बाइक में ‘हरा सोना’ भरकर चले थे तस्कर, अमलीपदर पुलिस ने रास्ते में ही बिगाड़ दिया पूरा खेल!

वरिष्ठ पत्रकार शंकर पांडे की कलम से...*(कॉलम 21 सालों से लगातार) : अपना क्या है इस जीवन में, सब कुछ लिया उधार.... सारा लोहा तुम लोगों का, अपनी केवल धार....

Praveen Nishee Fri, Jun 5, 2026

सुनने में बड़ा अजीब लगता है,पर यह सच है कि करीब 5 दशक पूर्व रेडियो सुनने लाइसेंस की जरूरत पड़ती थी, इसे बाकायदा भारतीय डाक तार विभाग जारी करता था। यह लाइसेंस उसी प्रकार का होता था, जैसा आज वाहन चलाने,हथियार रखने याअन्य किसी काम के लिए लाइसेंस बनाना पड़ता है। रेडियो सुनने के लिए यह लाइसेंस भारतीय डाक विभाग,भारतीय तार अधिनियम 1885 के अंतर्गत जारी करता था,लाइसेंस डोमे स्टिक,कॉमर्शियल दो तरह का होता था, यानी घर पर बैठकर रेडियो सुनना है तो डोमेस्टिक और सामूहिक रूप से रेडियो सुनाना है तो वह कॉमर्शियल। इसके साथ ही लाइसेंस पर निर्धारित शुल्क का आकाशवाणी लाइसेंस टिकट लगा प्रतिवर्ष रिन्यूवल कराया जाता था, बिना लाइ सेंस रेडियो सुनना कानूनी अपराध माना जाता था औऱ आरोपी को वायरलेस टेली ग्राफी एक्ट 1933 के अंतर्गत दंडित किए जाने का भी प्रावधान था। लाइसेंस में रेडियो का मैक, मॉडल भी उल्लेख किया जाता था। उन दिनों रेडियो सुनने का बड़ा क्रेज था। लाइसेंस रजिस्ट्रेशन साल में 2₹ आकाश वाणी लाइसेंस शुल्क की टिकट से रिन्यू कराया जाता था। आखिर में पोस्टऑफिस में 1974 को साढ़े 7 ₹ शुल्क और सरचार्ज के 1₹ की टिकट से रिन्यू किया जाता था।

छ्ग सरकार औऱ किराये

का हेलीकाप्टर....छग सरकार प्रशासनिक दौरों, व्हीआईपी मूवमेंट,आपात कालीन सेवाओं के लिए नया हेलीकॉप्टर किराए पर लेगी। हर साल करीब 35 करोड़ रुपये खर्च होंगे।छग सरकार ने दौरों, संवेदनशील क्षेत्रों के निरीक्षण,आपातकालीन, वी आई पी सेवाओं को तेज एवं प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। अब विमानन विभाग एक नया अत्याधुनिक हेलीकॉप्टर किराए पर लेने जा रहा है। गवर्नमेंट-ई-मार्केट प्लेस (GeM) के माध्यम से 105 करोड़ ₹ की अनुमानित लागत वाला ग्लोबल टेंडर जारी गया है।मौजूदा हेली कॉप्टर सेवा का अनुबंध समाप्त होने वाला है,सरकार नई तकनीक, बेहतर सुवि धाओं वाले हेलीकॉप्टर को सेवा में शामिल करने की तैयारी कर रही है। हर बार हेलीकॉप्टर किराए पर लेने पर उठने वाले सवालों के बीच इसका आर्थिक गणित सामने आया है,विशेषज्ञों केअनुसार, यदि सरकार इसी श्रेणी का ट्विन-इंजन, 8-सीटर, वीआई पी इंटीरियर, हेलीकॉप्टर खरीदती है, तो उसकी कीमत करीब 45 से 60 करोड़ ₹ तक हो सकती है। खरीदने के बाद उसका संचालन, बीमा, तकनीकी जांच,स्पेयर पार्ट्स नियमित रख रखाव का खर्च अलग से जुड़ जाता है, लंबे समय में छ्ग राज्य पर बड़ा वित्तीय बोझ बन सकता है, हेलीकॉप्टर खरीदने का मत लब सिर्फ विमान खरीदना नहीं है, एविएशन सिस्टम खड़ा करना भी है। सरकार को अलग एविएशन विंग सक्रिय रखना होगा।वीआईपी उड़ानों के लिए अनुभवी पाय लट, को-पायलट भी चाहिए, जिनकी मासिक सैलरी 3 से 7 लाख ₹ तक हो सकती है।इसके अलावा केबिन क्रू, इंजीनियर, ग्राउंड स्टाफ और तकनीकी टीम का खर्च भी करोड़ों तक पहुंच सकता है।इस बार हेलीकॉप्टर को ‘वेट लीज’ मॉडल पर लेने का फैसला किया है। इसका मत लब है हेलीकॉप्टर उपलब्ध कराने वाली निजी कंपनी ही पायलट, केबिन क्रू, मेंटेनेंस की भी जिम्मेदारी संभालेगी। इस मॉडल से सर कार को तकनीकी झंझटों से राहत मिलेगी और उसे केवल सेवा का उपयोग करना होगा। अनु बंध 3 वर्षों के लिए होगा, हर महीने कम से कम 20 दिन उड़ान उपलब्धता तय की गई है।

तखतपुर के पास मिला

प्राचीन स्नानघाट...बिलासपुर जिले के तखतपुर विकासखंड के ग्राम छतौना में जूनी तालाब की सफाई, गहरीकरण के दौरान ऐसी खोज हुई है जिसने पूरे इलाके में कौतूहल और उत्साह का माहौल बना दिया है। खुदाई के दौरान जमीन के भीतर से एक विशाल सीढ़ीदार प्राचीन स्नानघाट (पचरी) कुंडनुमा संरचना सामने आई है।यह घाट लगभग 40 फीट लंबा, 15 फीट चौड़ा है,ऐतिहासिक धार्मिक महत्व की संभावना जताई जा रही है। खबर फैलते ही आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग स्थल पर पहुंचने लगे। कई लोग आस्था का केंद्र मानते हुए पूजा-अर्चना भी कर रहे हैं। गांव के बुजुर्गों का कहना है पहले इस स्थान के बारे में ऐसी कोई जानकारी नहीं थी। ग्रामीणों ने पुरातत्व विभाग से मांग है,स्थल का वैज्ञानिक सर्वेक्षण कराया जाए, यदि ऐतिहासिक धरोहर साबित हो तो इसे संरक्षित घोषित किया जाए।क्या छतौना की धरती के नीचे छिपा है इतिहास का कोई अनकहा अध्याय....?

बस्तर: छ्ग में 23 सालों में

364 धर्मान्तरण....!

छग बनने के बाद बस्तर में 23 सालों में364अधिकारिक मतांतरण हुये ,चर्च की संख्या 1500 के पार हुई है ....!

नवंबर 2000 में राज्य गठन से लेकर 2023 तक केवल 364 लोगों ने ही मतांतरण की आधिकारिक सूचना दी, लेकिन इन्हीं वर्षों में बस्तर में चर्च,प्रार्थना केंद्रों की संख्या डेढ़ हजार के पार पहुंच गई। दरअसल, मतांतरण और डी-लिस्टिंग को लेकर बहस के बीच बस्तर में सूचना का अधिकार कानून (आरटी आई) से सामने आए आंकड़ों ने नई चर्चा छेड़ दी है।सर्व आदिवासी समाज ने आरटी आई के तहत वर्ष 2025 तक की जानकारी मांगी थी।जिला प्रशासन ने उन्हें नवंबर 2000 से फरवरी 2023 तक बस्तर जिले में केवल 364 लोगों के ही मतांतरण की जानकारी दी। प्रशासन के पास 2023 के बाद की कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है। सर्व आदि वासी समाज का कहना है कि यहां भारी संख्या में मतांतरण कराए गए हैं। सन 2000 से 2003 तक अजीत जोगी के कार्यकाल में 232,सन 20 04से 2018 तक डॉ रमन सिंह के कार्यकाल में 131 तो 2018 से 2023 तक भूपेश बघेल के मुख्यमंत्रित्व काल में केवल 1अधिकारिक तौर पर धर्मान्तरण हुआ है।

औऱ अब बस....

0केंद्रीय गृह मंत्रालय ने वर्ष 2024 बैच के 147 नए आई पीएस का कैडर बांटने के लिए वैकेंसी की लिस्ट अधि सूचित की है। इनमें छ्ग को एक भी अधिकारी नहीं मिला है।

0ईडी ने शराब घोटाले में शामिल पूर्वआईएएस अनिल टुटेजा, अनवर ढेबर सहित इसके सिंडिकेट में शामिल अन्य की 200 करोड़ ₹ की चल- अचल संपत्तियों को अटैच किया गया है। मनी लॉड्रिंग एक्ट के तहत की गई कार्रवाई में रायपुर से लेकर गोवा तक की प्रापर्टी, शेयर, म्युचल फंड शामिल हैं।

0 छ्ग में पुलिस अधीक्षकों की एक छोटी सूची जल्दी ही निकलनेवाली है।

0 अब गृह विभाग की फाइल आईपीएस राहुल भगत से होकर सीएम तक पहुंचेगी।

विज्ञापन

जरूरी खबरें